मकर संक्रान्ति
महाभारत काल में सूर्य की जिस स्थिति का प्रतीक्षा करते हुए पितामह भीष्म ने अनेक दिनों तक बाण शैय्या पर पड़े रहे और घोर कष्टों को सहते रहे |पुत्र प्राप्ति के लिए माता यशोदा ने उत्तरायण व्रत किया था | भगवान राम के पूर्वज राजा भगीरथी ने गंगा को पृथ्वी उतारने के लिए उत्तरायण में देवाधिदेव भगवान पिनाकी शिव जी की तपस्या की थी गंगा के जल के कारण सगर के ६०००० वंशज मुक्त हुए और इसी कारण संगम स्नान करने की मान्यता है |
गीता में स्वयं श्री भगवान ने कहा है कि उत्तरायण के मार्ग से गए हुए व्यक्ति की सद्गति ही होती है | आज से ६ माह तक सूर्यदेव उत्तरायण में रहेंगे इस समय में | पृथ्वी पर शुभता बढ़ जाती है|
काशी से प्रकाशित पंचांग के आधार पर सूर्य की मकर राशि में संक्रांति रात में होने के कारण संक्रांति का पुण्यकाल अगले दिन 15 जनवरी दिन शनिवार को 40 घटी यानी 16 घण्टे तक मानी जाएगी अर्थात संक्रांति का पुण्य काल 15 जनवरी 2022 दिन शनिवार को दिन में 12 बजकर 34 मिनट तक माना जायेगा और खिचड़ी का प्रसिद्ध पर्व हर्सोल्लास के साथ मनाया जाएगा एवं मकर संक्रांति का पवित्र स्नान दान मध्यान्ह काल 12:34 बजे तक किया जायेगा |
मकर संक्रांति पर ग्रहों की स्थिति
शनि देव अपनी स्वराशि मकर, सूर्य देव एवं मित्र ग्रह बुध के साथ गोचर करेंगे|
मंगल अपनी राशि वृश्चिक में रूचक योग के साथ गोचर करते हुए अपना सम्पूर्ण शुभ प्रभाव प्रदान करेंगे|
चन्द्रमा दिन में 10 बजे तक उच्च राशि वृष में रहकर इस पर्व की शुभता को बढ़ाएंगे वही देवगुरु बृहस्पति शनि देव की दूसरी राशि कुम्भ में स्वगृह रहकर इस दिन के पुण्यफल को बढ़ाएंगे। इस प्रकार इस दिन शश एवं रूचक दो पंच महापुरुष योग संक्रांति के पुण्य फल में वृद्धि करेंगे।
मकर संक्रांति के दिन का आकाश मंडल काल पुरुष की ग्रह स्थति
यह लग्न राशि के अनुसार है लग्न राशि न ज्ञात होने की ही स्थति में राशि के अनुसार देखें |
मेष राशि :- सूर्य का यह गोचर आपके कर्म भाव में हुआ है| यहाँ सूर्य को दिग्बल प्राप्त होगा आपके यश वृद्धि होगी|
मेष के जो जातक लेखन कर्म जुड़े हुए है, उनके लिए यह समय उत्तम है| साथ में जो विद्यार्थियों के लिए भी ये समय उत्तम है |
वृष राशि :- भाग्यस्थ हो जायेंगे सूर्य देव, वैवाहिक लोगों के लिए सावधानी रखने की आवश्यकता है, क्रोध के कारण रिश्तों में तनाव आ सकता है|
मिथुन राशि :- बलवान रहेंगे इस समय, शत्रुहंता अर्थात शत्रु पराजित होंगे इस समय में अधिक व्यय होगा|
क्रोध पर नियंत्रण रखें | अचानक धन की प्राप्ति हो सकती है|
गुर्दों के रोग जिसमे पेशाब में रुकावट होती है , ऐसे रोगों से सावधानी की आवश्यकता है |
कर्क राशि:- प्रेम मामलों में कोई क्षति उठानी पड़ सकती है |कार्यक्षेत्र अनुसार जनता का सहयोग प्राप्त होगा| भाग्य का सहयोग निश्चित तौर पर प्राप्त होगा, भाग्य का साथ मिले उसके लिए आलस को त्यागना अनिवार्य शर्त है|
सिंह राशि :- भूमि भवन आदि का सुख प्राप्त हो सकता है | माता जी से लगाव बढ़ेगा | प्रतियोगी परीक्षाओं क लिए समय अच्छा है | माइग्रेन की समस्या हो सकती है | शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी | जीवन साथी का सहयोग प्राप्त होगा |
कन्या राशि :- प्रेम सम्बन्धो में समस्या हो सकती है | पराक्रम बढ़ा रहेगा,मेहनत खूब करेंगे | भाई बहेनो बहनो का सहयोग निश्चित तौर पर प्राप्त होगा | शत्रु पराजित होंगे आपसे | प्रति योगिता में रहेंगे |
तुला राशि :- भूमि भवन का सह मिल सकता है| धन का आगमन होगा | वाणी में प्रखरता आएगी हालाँकि कटु वाक्य बोलने से बचें | वाणी पर नियंत्रण रखें | शिक्षा के लिए समय अच्छा है, भाग्य का अच्छा सहयोग मिलेगा|
वृश्चिक राशि :- शारीरिक ऊर्जा बनी रहेगी | राजनीति से जुड़े हुए लोगों कम लिए अच्छा समय है | पराक्रम में अद्भुत रूप से वृद्धि होगी | शारीरिक पुष्टता बढ़ेगी | खेल से जुड़े हुए लोगों के लये अच्छा समय है|
धनु राशि : धन का व्यय भरपूर होगा |हालाँकि धन का आगमन होगा | विषेशतः जो लोग ठीकेदारी ,वकालत, न्याय , मैकेनिकल इंजीनियरिंग क्षेत्र से जुड़े है
मकर राशि : सूर्य का प्रवेश मकर संक्रांति के दिन मकर राशि में होने जा रहा है जहां पर पहले से ही शनि विद्यमान हैं। मकर राशि वालों के यश में वृद्धि होगी और सरकारी विभाग से जुड़े लोगों को अवश्य ही लाभ होगा।
कुंभ राशि : व्यय में वृद्ध होगी माइग्रेन की समस्या हो सकती है।
मीन राशि : आय के संसाधन और स्रोत बढ़ेंगे लाभ होने की संभावना है।
- दान : एक विशेष दान जो जो सकता है वो की तिल और गुड़ के लड्डू बना कर उसमें भीतर सिक्का छिपा हो ऐसे ५ लड्डू को मंदिर में दान दे आएं इस दान को गुप्त लक्ष्मी दान कहा जाता है।
मकर संक्रांति के अवसर पर शिव महापुराण और स्कन्दमहापुराण
के अनेक उपाय जो आपके लिए लाभ दायक हो सकते हैं।।
- १. रोग निवारण :
- अगर लंबे समय से रोग का निवारण ना हो पा रहा हो तो थोड़ी सी काली तिल उसमें बबूल का कांटा किसी भी वृक्ष की पांच पत्तियां उस व्यक्तिका स्पर्श कराकर या 21 बार उस पर से उतारकर के अवधूतेश्वर महादेव का नाम लेकर के चौराहे या बहते हुए पानी में या पीपल के वृक्ष के नीचे डाल दीजिए
- २. यदि कोई दुकान या व्यापार न चलता हो,टोटका जैसी कोई संभावना लगती हो , तो उस दुकान में भी ऊपर बताया गया उपाय किया जाना चाहिए, केवल एक बदलाव ये है कि पत्ते को व्यक्ति की जगह दुकान के ऊपर से उतारकर फिर जल में, पीपल की जड़ में बहा दीजिए।
- ३.प्लॉट या प्रॉपर्टी से कब्जा हटाने को
- प्लॉट पर या जमीन पर किसी ने कब्ज़ा कर लिया हो तो शमी वृक्ष की ५ पत्ती सूर्य पे से ७ बार घुमा कर श्री शिवाय नमस्तुभ्यम कहते हुए शिवलिंग पर समर्पित एक शमी पत्र को कब्जा हुई भूमि या प्लॉट पर डाल दे तो ६ माह के भीतर लाभ प्राप्त हो जाएगा।
- ४.कर्ज मुक्ति
- एक लोटा पानी कलश उसमें जल भरकर ७ दाने चने के दाल डालकर थोड़ा सा कुमकुम तीन शमी पत्र एक बिल्वपत्र डालकर सूर्य नारायण भगवान को दर्शन कर अर्घ्य करते समय जब अंत का बच्चा हुआ बिल्वपत्र शमी पत्र और जल बचा हुआ हो तो ये ध्यान करके की कर्जा कितना है और ये कर्ज मुक्ति हो जाए ऐसी भावना करते हुए बचा हुआ भाग छोड़ दें।
- ५.पारिवारिक क्लेश :
- यदि परिवार में क्लेश रहता हो आपसी मनमुटाव रहता हो तो फिर एक लोटे में जल उसमें काला तिल और हल्दी डालकर के शिवलिंग पर अर्पित कर दीजिए।
- ६. सुगर की समस्या
- यदि शुगर की समस्या हो तो शिवलिंग पर काला तिल अर्पित करें उस समय ध्यान रखें शिवलिंग पर कोई और जल ना चढ़ाएं और रुद्राक्ष की माला से 108 बार श्री शिवाय नमस्तुभयम का जप करें उसके पश्चात तिल को शिवलिंग पर से उतार के घर लेते हैं और सुबह सुबह खाली पेट उस काले तिल को खाया करें।
- ७.जिनके शरीर में हाथ पैर में कहीं कम्पन होता है,कोई नस चोक हुई हो बाईपास सर्जरी करने के लिए डॉक्टर ने कह दिया हो तो कल सूर्य को अर्घ्य देते समय काली मिर्ची पीसकर डालकरअर्घ्य दे। अर्घ्य देने के बाद भूमि पे गिरे जल को स्पर्श करके अपने उस स्थान पर लगाएं जहां कम्पन होता है अथवा जहां की नस चोक हुई हो।
Thankyou pandit ji
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