मृग मरीचिका: संविधान
"मेरी रैली में मेरे सामने लोग नारे लगा रहे थे भारत माता की जय मैंने सोचा यह किसकी जय हो रही है इसका निष्कर्ष यह निकला कि भारत के निवासी हैं, जो लोग हैं इनकी ही जय भारत माता की जय है", यह शब्द मेरे नहीं भारत की खोज पुस्तक में पंडित जवाहरलाल नेहरू ने लिखा है। १५ अगस्त 1947 को स्वतंत्रता मिली फिर 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू हुआ संविधान अर्थात नियम और नियम अर्थात जो स्वतंत्रता में बाधक हो । जो देश स्वतंत्र हैं उनके पास अपना संविधान है नियम है जिनके पास अपने नियम नहीं वह समझो स्वतंत्र है ही नहीं तो फिर सामान्य प्रश्न है कि यदि हम नियम में हैं तो स्वतंत्रता कैसी और यदि हम स्वतंत्र है तो नियम क्यों? इधर स्वतंत्र हुए नहीं उधर नियम आ गए हमें अपने अनुसार चलाने के लिए नियम कहते हैं यह मत करो वह मत करो फिर स्वतंत्रता का लाभ क्या हुआ? एक शिशु का जन्म हुआ तो वह बिल्कुल स्वतंत्र होता है कोई नियम नहीं लगता, ना सोने का न जागने का, ना भोजन का ना शौच का कोई नियम नहीं। सब कुछ उसकी इच्छा पर है। शिशु स्वतंत्र है किंतु जैसे ही बड़ा हुआ नियम लग गए जब उसे बोलने आया तो नियम क्या ब...